http://blogsiteslist.com
इंडीकेटर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
इंडीकेटर लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 2 मई 2012

सरकार का आईना

उन्होंने
जैसे ही
एक बात
उछाली
मैने तुरंत
अपने मन
की जेब
में संभाली
घर आकर
चार लाईन
लिख ही डाली
कह रहे थे
जोर लगाकर
किसी राज्य की
सरकार का
चेहरा देखना
हो अगर 
उस राज्य के
विश्वविद्यालय 
पर सरसरी
नजर डालो
कैसी चल
रही है सरकार
तुरत फुरत में
पता लगालो
वाह जी
क्या इंडीकेटर
ढूंढ के चाचा
जी लाये हैं
अपनी पोल
पट्टी खुद ही
खोलने का
जुगाड़ बनाये हैं
मेरी समझ
में भी बहुत
दिनों से ये नहीं
आ रहा था
हर रिटायर
होने वाला शख्स
कोर्ट जा जा
कर स्टे
क्यों ले
आ रहा था
अरे जब
बूढ़े़ से बूढ़ा़
सरकार में
मंत्री हो
जा रहा था
इतने बड़े राज्य
का बेड़ा गर्क
करने में
बिल्कुल भी
नहीं शर्मा
रहा था
तो मास्टर जी
ने क्या
बिगाड़ा था
किसी का
क्यों उनको साठ
साल होते ही
घर चले जाओ
का आदेश दिया
जा रहा था
काम धाम के
सपने खाली पीली
जब राजधानी
में जा कर
सरकार जनता
को दिखाती है
उसी तरह
विश्विद्यालय की
गाड़ी भी तो
खरामे खरामे
बुद्धि का
गोबर बनाती है
जो कहीं
नहीं हो सकता
उसे करने की
स्वतंत्रता भी
यहाँ आसानी से
मिल ही जाती है
बहुत सी बाते तो
यहाँ कहने
की मेरी भी
हिम्मत नहीं
हो पाती है
सुप्रीम कोर्ट
भी केवल
बुद्धिजीवियों
के झांसे
में ही आ
पाती है
वाकई में
सरकार का
असली चेहरा
तो हमें
ये ही
दिखाती है।

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...