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बुधवार, 29 अप्रैल 2015

इसका और उसका रहने दे ना देश सुना है जलजले से दस फिट खिसका है

नाम से लिखने पर
बबाला हो जाता है
इस और उस से
काम चलाया जाये
तो क्या जाता है
अंधे देख रहे हैं
अपने अपनो
के कामों को
कुछ कहना हो तो
बहुत ही सोचना
पड़ जाता है
वैसे भी चम्मचें
फैली हुई हैं इंटरनेट
की दुनियाँ में
गरीब और उसकी सोच
पर बात करने वाला
सबसे बड़ा पागल
एक हो जाता है
टी वी पर बहस देखिये
इसका भी होता है
उसका भी होता है
देखने वाले पागलों
को क्या कहा जाता है
बूंद बूंद से भरता है घड़ा
यही बताया यही
समझाया भी जाता है
बूंद पाप की होती है
बहुत छोटी सी
उसको अंदेखा करना
अभिमन्यू की तरह
पेट के अंदर ही
सिखाया जाता है
नाम नहीं ले रहा हूँ उसका
घिन आती है
ओले पकड़ने के लिये
खेतों में क्यों नहीं जाता है
उसकी बात कही है मैंने
तेरी समझ में आ गया होगा
मेरी समझ में भी आता है
कुछ कहने की हिम्मत
नहीं है तुझ में
तेरे को क्या मतलब है
चमचे तुझे तो उसके लिये
देश को रौंदना
अच्छी तरह आता है ।


चित्र साभार: www.123rf.com

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2014

उसका आदमी कहता है तुझे कोई तो क्यों शरमाता है यार

एक पत्नी होना
और उसका ही
बस आदमी होना
एक बहुत बड़ी
बात है सरकार
उसके बाद भी
किसी और का
आदमी होना
ही होता है
नहीं हो पाया है
अगर कोई तो
उसका जीना ही
होता है बेकार
अपने नाम से
अपने काम से
अगर जाना जा
रहा है कोई
समझ लेना
अच्छी तरह
किसी काम में
कहीं नहीं लगाया
जा रहा है
भटक रहा है
जैसे होता है
एक बेरोजगार
कुछ भी नहीं
हाथ में आयेगा
इस जीवन में
व्यर्थ में
चला जायेगा
इस पार से
कभी किसी
दिन उस पार
एक आदमी
कहीं ना कहीं
होता ही है
किसी ना किसी
का आदमी
ऊपर से नीचे
तक अगर
देखता चला जायेगा
नीचे वाला
किसका है
साफ पता
चल जायेगा
सबसे ऊपर
वाला किसका
है आदमी
बस यही बात
बताने के लिये
कोई भी नहीं
मिल पायेगा
समय रहते पानी
का देखता
हुआ बहाव
तैरना सीख
ही लेता है
आज का
एक समझदार
निभाता क्यों नहीं

उलूक तू भी किसी
एक इसी तरह के
एक आदमी
का किरदार
कल जब उसकी
आ जायेगी सरकार
तुझे क्या
लेना और देना
वो वहाँ क्या करता है
तुझे मालूम ही तेरा
यहाँ रहेगा
अपना ही कारोबार
खाली आदमी होने में
और किसी आदमी
के आदमी होने में
अंतर है बहुत बड़ा
समझाया जा चुका है
एक नहीं कई कई बार
बाकी रही तेरी और
तेरे देश की किस्मत
किसका आदमी
कहाँ जा कर
करता है
अपना वार
इस बार ।   

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