http://blogsiteslist.com
कलाकारी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
कलाकारी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 16 अगस्त 2015

कलाकारी क्यों एक कलाकार से मौका ताड़ कर ही की जाती है

मस्जिद में
होती है अजान
सुनी भी जाती है
दिन में एक नहीं
कई बार उसको
पुकारने की
आवाज आती है
कुछ अजीब सा
लगता है जब
समाचार वाचिका
किसी की जय
जयकार की आवाजें
ऐसी जगह से
आने की खबर
जब सुनाती है
ये ऊपर वाले के
समय के साथ
बदलने की तरफ
का एक इशारा
भर है या
नीचे वाले ही
किसी की सोच
कुछ पलट जाती है
बहुत सी बातें
किताबों में कहीं भी
लिखी नहीं जाती हैं
उठती है इस तरह
के मौकों पर
ना समझ में
आती हैं ना ही
खुद को समझाई
ही जाती हैं
किसलिये करते हैं
कुछ कलाकार
केवल कलाकारी
के लिय ही कुछ
सच में अगर दिल
साफ होता है तो
पूजा मस्जिद में
क्यों नहीं की जाती है
और मंदिर में नमाज
क्यों कभी नहीं
कहीं भी पढ़ी जाती है ।

चित्र साभार: www.gograph.com

रविवार, 1 जनवरी 2012

अलविदा 2011

बहुत कुछ सिखा गया
मुझे यह बीता साल
कितना गलत पढ़ाता
रहा हूँ मैं सवाल
लोग कक्षा में वैसे तो
बहुत कम आ रहे हैं
पर कभी कभी आकर
जो वो पढा़ रहे हैं
पाठ्यक्रम में बिल्कुल
भी नहीं दिखा रहे हैं
सच बोलना है अंदर
बताया जाता रहा है
बाहर झूठ को गले से
लगाया जाता रहा है
जरूरत मुझको ही अब
पड़ गयी है फिर से
स्कूल जाने की
सच को झूठ बताके
बच्चों को पढ़ाने की
अगले साल शायद
सीख लूँ मै भी कलाकारी
ताकि आने वाले बच्चे
सीख लें थोड़ा मक्कारी
अपने को बचा के
शायद आगे ले जायेंगे
हम जैसे लोगों से खुद
व समाज को बचा पायेंगे।

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...