http://blogsiteslist.com
खतरनाक. काला लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
खतरनाक. काला लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 11 मई 2016

किसे पड़ी है तेरे किसी दिन कुछ नहीं कहने की उलूक कुछ कहने के लिये एक चेहरा होना जरूरी होता है

लिखा हुआ हो
कहीं पर भी हो
कुछ भी हो
देख कर उसे
पढ़ना और
समझना
हमेशा जरूरी
नहीं होता है
कुछ कुछ खराब
हो चुकी आँखों
को खुली रख कर
जोर लगा कर
साफ साफ देखने
की कोशिश करना
कुछ दिखना
कुछ नहीं दिखना
फिर दिखा दिखा
सब दिख गया कहना
कहने सुनने सुनाने
तक ही ठीक होता है
सुना गया सब कुछ
कितना सही होता है
सुनाई देने के बाद
सोचना जरूरी
नहीं होता है 

रोजाना कान की
सफाई करना
ज्यादातर लोगों
की आदत में
वैसे भी शामिल
नहीं होता है
लिखने लिखाने
से कुछ होना है
या नहीं होना है
लिखने वाले
कौन है और
लिखे को पढ़ कर
लिखे पर सोचने
लिखे पर कुछ
कहने वाले कौन हैं
या किसने लिखा है
क्या लिखा है
लिख दिया है
बताने वाले
लोगों को सारा
लिखा पता होना
जरूरी नहीं होता है
लेखक लेखिका
का पोस्टर लगा कर
दुकान खोल लेने से
किताबें बिकना
शुरु होती भी हैं
तब भी हर दुकान
का रजिस्ट्रेशन
लेखक के नाम से
हर जगह होना
होता है या
नहीं होता है
किसे पता होता है
लिखने लिखाने वाला
लिखने की दुकान के
शटर खोलने की
आवाज के
साथ उठता है
शटर गिराने की
आवाज के
साथ सोता है
कौन जानता है
ऐसा भी होता है
या नहीं होता है
अपनी अपनी
किताबें संभाले
हुए लोगों को
आदत पड़
चुकी होती है
अपना लिखा
अपने आप
पढ़नें की
खुद समझ कर
खुद को खुदी
समझा ले जाना
खुदा भी समझ
पाया है या नहीं
खुदा ही जानता है
सब को पता हो
ये भी जरूरी
नहीं होता है
किसी के कुछ
लिखे को नकार
देने की हिम्मत
सभी में
नहीं होती है
पूछने वाले
पढ़ते हैं या नहीं
पता नहीं
भी होता है
प्रश्न करना इतना
जरूरी नहीं होता है
लिखना कुछ भी
कहीं भी कभी भी
इतना जरूरी होता है ?
दुनियाँ चलती है
चलती रहेगी
हर आदमी खरीफ
की फसल हो
जरूरी कहीं
थोड़ा सा होता है
कहीं जरा सा
भी नहीं होता है
फारिग हो कर
आया हर कोई
कहे जरूरी है
जमाने के
हिसाब से
खेत में जाना
इस जमाने में
अब जरूरी नहीं
थोड़ा नहीं 

बहुत ही
खतरनाक 

होता है
सफेद पन्ना 

दिखाने
के लिये 

रख 
काफी है
‘उलूक’
लिखा 

लिखाया
काला 

सब
सफेद 

होता है ।

 चित्र साभार: www.pinterest.com

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...