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रविवार, 4 सितंबर 2016

समय को मत समझाया कर किसी को एकदम उसी समय

ये तय है
जो भी
करेगा कोशिश
लिखने की
समय को
समय पर
देखते सुनते
समय के साथ
चलते हुए

समय से ही
मात खायेगा

लिखते ही हैं
लिखने वाले
समझाने के
लिये मायने
किसी और
की लिखी
हुई पुरानी
किताब में
किसी समय
उस समय के
उसके लिखे
लिखाये के

समझते हैं
करेंगे कोशिश
उलझने की
समय से
समय पर
ही आमने
सामने अगर
समय की
सच्चाइयों से
उसी समय की

समय के साथ
ही उलझ जाने
का डर
दिन की रोशनी
से भी उलझेगा
और
रात के सपनों
की उलझनों
को भी
उलझायेगा

अच्छा है बहुत
छोड़ देना
समय को
समझने
के लिये
समय के
साथ ही
एक लम्बे
समय के लिये

जितना पुराना
हो सकेगा समय
एक मायने के
अनेकों मायने
बनाने के नये
रास्ते बनाता
चला जायेगा

कोई नहीं
देखता है
सुनता है
समय की
आवाज को
समय के साथ
समय पर

ये मानकर

किसी का
देखा सुना
किसी को
बताया गया
किसी और
का लिखा
या किसी से
लिखवाया गया
बहुत आसान
होगा समझाना
बाद में कभी
समय लम्बा
एक बीत
जाने के बाद
उस समय
का समय
इस समय
लौट कर भी
नहीं आ पायेगा

कुछ का कुछ
या कुछ भी
कभी भी
किसी को भी
उस समय के
हिसाब से
समझा ही

दिया जायेगा ।

चित्र साभार: worldartsme.com

रविवार, 21 जून 2015

नाटक कर पर्दे में उछाल खुद ही बजा अपने ही गाल

कुछ भी संभव
हो सकता  है
ऐसा कभी कभी
महसूस होता है
जब दिखता है
नाटक करने वालों
और दर्शकों के
बीच में कोई भी
पर्दा ना उठाने
के लिये होता है
ना ही गिराने
के लिये होता है
नाटक करने वाले
के पास बहुत सी
शर्म होती है
दर्शक सामने वाला
पूरा बेशर्म होता है
नाटक करने भी
नहीं जाता है
बस दूर से खड़ा खड़ा
देख रहा होता है
वैसे तो पूरी दुनियाँ ही
एक नौटंकी होती है
नाटक करने कराने
के लिये ही बनी होती है
लिखने लिखाने
करने कराने वाला
ऊपर कहीं बैठा होता है
नाटक कम्पनी का
लेकिन अपना ही
ठेका होता है
ठेकेदार के नीचे
किटकिनदार होते हैं
किटकिनदार
करने कराने
के लिये पूरा ही
जिम्मेदार होते हैं
‘उलूक’ कानी आँखों से
रात के अंधेरे से पहले के
धुंधलके में रोशनी
समेट रहा होता है
दर्शकों में से कुछ
बेवकूफों को नाटक
के बीच में कूदते हुऐ
देख रहा होता है
कम्पनी के नाटककार
खिलखिला रहे होते हैं
अपने लिये खुद ही
तालियाँ बजा रहे होते हैं
बाकी फालतू के दर्शकों
के बीच से पहुँच गये
नाटक में भाग लेने
गये हुऐ नाटक
कर रहे होते हैं
साथ में मुफ्त में
गालियाँ खा
रहे होते हैं
गाल बजाने वाले
अपने गाल खुद ही
बजा रहे होते हैं ।

चित्र साभार: www.india-forums.com

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