http://blogsiteslist.com
गेसू लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गेसू लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 19 सितंबर 2009

पैंतरे

चाँदनी में मिलने की बात
अब करने लगे हैं वो ।
जान गये हैं शायद
दिये से घबराने लगा हूँ मैं ।।


साँथ उड़कर समंदर पार
करने का वादा भी है ।
मेरे पर कटने की खबर
भी मिल गयी है उनको ।।


अपने गेसू मे उलझा के
आँखों में डुबोने को हाँ कह गये ।
जालिम ने महसूस कर लिया
मेरा खुद से उलझना शायद ।।


वो हँसते खिलखिलाते हैं
शहनाईयों सा अब ।
मेरे कानों मे अब तो
मेरी आवाज ही नही जाती ।।


सालों इसी बात का
इंतजार किया उसने ।
अब जाकर कहीं बरबादी
का नज़ारा लूंगी जीभर ।।

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...