http://blogsiteslist.com
ग्रन्थ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ग्रन्थ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 28 अगस्त 2013

मैने तो नहीं पढ़ी है क्या आप के पास भी गीता पड़ी है

कृष्ण जन्माष्टमी
हर वर्ष की तरह
इस बार भी आई है
आप सबको इस
पर्व पर बहुत
बहुत बधाई है
बचपन से बहुत बार
गीता के बारे में
सुनता आया था
आज फिर से वही
याद लौट के आई है
कोशिश की कई बार
पढ़ना शुरु करने की
इस ग्रन्थ को पर
कभी पढ़ ही नहीं पाया
संस्कृत में हाथ तंग था
हिन्दी भावार्थ भी
भेजे में नहीं घुस पाया
आज फिर सोचा
एक बार यही कोशिश
फिर से क्यों नहीं की जाये
दिन अच्छा है अच्छी
शुरुआत कुछ आज
ही कर ली जाये
जो समझ में आये
आत्मसात भी
कर लिया जाये
कुछ अपना और
कुछ अपने लोगों का
भला कर लिया जाये
गीता थी घर में एक
देखी कहीं पुत्र से पूछा
पुस्तकालय के कोने से
वो एक पुरानी पुस्तक
उठा के ले आया
कपडे़ से झाड़ कर
उसमें जमी हुई
धूल को उड़ाया
पन्नो के भीतर
दिख रहे थे
कागज खाने वाले
कुछ कीडे़ उनको
झाड़ कर भगाया
फिर सुखाने को
किताब को धूप में
जाकर के रख आया
किस्मत ठीक नहीं थी
बादलों ने सूरज
पर घेरा लगाया
कल को सुखा लूंगा बाकी
ये सोच कर वापस
घर के अंदर
उठा कर ले आया
इतनी शुरुआत
भी क्या कम है
महसूस हो रहा है
अभी भी इच्छा शक्ति
में कुछ दम है
पर आज तो मजबूरी है
धूप किताब को दिखाना
भी बहुत जरूरी है
आप के मन में
उठ रही शंका का
समाधान होना भी
उतना ही जरूरी है
जिस गीता को
आधी जिंदगी नहीं
कोई पढ़ पाया हो
उसके लिये गीता को
पढ़ना इतना कौन सा
जरूरी हो आया हो
असल में ये सब
आजकल के सफल
लोगों को देख कर
महसूस होने लगा है
जरूर इन लोगों ने
गीता को समझा है
और बहुत बार पढा़ है
सुना है कर्म और कर्मफल
की बात गीता में ही
समझायी गयी है
और यही सब सफलता
की कुंजी बनाकर
लोगों के द्वारा
काम में लायी गयी है
मैं जहाँ किसी
दिये गये काम को
करना चाहिये या नहीं
सोचने में समय लगाता हूँ
तब तक बहुत से लोगों
के द्वारा उसी काम को
कर लिया गया है की
खबर अखबार में पाता हूँ
वो सब कर्म करते हैं
सोचा नहीं करते हैं
इसीलिये फल भी
काम करने से पहले ही
संरक्षित रखते हैं
मेरे जैसे गीता
ज्ञान से मरहूम
काम गलत है या सही
सोचने में ही रह जाते हैं
काम होता नहीं है
तो फल हाथ में
आना तो दूर
दूर से भी नहीं
दिख पाते हैं
गीता को इसीलिये
आज बाहर निकलवा
कर ला रहा हूँ
कल से करूँगा
पढ़ना शुरू
आज तो धूप में
बस सुखा रहा हूँ ।

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...