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बुधवार, 6 नवंबर 2013

तुझे पता है ना तेरे घर में क्या चल रहा है !

वो जब भी
मिलता है
बस ये
पूछ लेता है
कैसा
चल रहा है
वैसा ही है या
कहीं कुछ
बदल रहा है
हर बार मेरा
उत्तर होता है
भाई ठीक
कुछ भी तो
नहीं चल रहा है
वैसा अब
यहाँ पर तो
कहीं नहीं
दिख रहा है
उसका
वैसे से क्या
मतलब होता
आया है
मैं आज
तक नहीं
समझ
पाया हूँ
उसके यहाँ
ऐसा लगता
रहा है हमेशा
कुछ स्पेशियल
ही हमेशा
चल रहा है
हम दोनो
जब साथ
साथ थे तो
हमने एक
दूसरे से कभी
नहीं पूछा
कैसा चल
रहा है
लगता था
मुझे पता
है जो कुछ
इसको भी
पता होगा
जो चल
रहा है
वो बैठा है
या कहीं
उछल रहा है
अब मैं
यहाँ हूँ
और वो
कहीं और
चल रहा है
उसके यहाँ
का ना मैंने
पूछा कभी
ना ही मुझे
कुछ कहीं से
कुछ पता
चल रहा है
और वो
हमेशा ही
मौका मिलते
ही पूछ लेता
है यूं ही
कैसा चल
रहा है
मुझे मेरे
देश से बहुत
प्यार है और
वो बहुत ही
सही चल
रहा है
लेकिन
क्या करूं
कहीं एक
पतला उछल
रहा है
कहीं दूसरा
मोटा उछल
रहा है
दोनो के
बीच में
कहीं पिस
ना जाये मेरा
हिन्दुस्तान
सोच सोच
कर मेरा
दिल उछल
रहा है
वो सब कृपया
ध्यान ना दें
जिनके यहाँ
सब कुछ
हमेशा ठीक
चलता है
और अभी
भी सब कुछ
ठीक चल
रहा है ।

मंगलवार, 17 जुलाई 2012

सोच दिखती नहीं फैल जाती है

चल रहा था
मुस्कुरा रहा था
हाथ की अंगुलियां
हिलाये जा रहा था
बड़बड़ा रहा था
उसके आस पास
जबकि कोई भी
दूर दूर तक कहीं
नजर नहीं आ रहा था
ये सब मैं उसके
सामने से देखता
हुआ आ रहा था
बगल से जैसे ही
वो निकला
मेरा दिमाग ऎसे चला
जैसे चलने वाली मशीन
का बटन किसी ने हो
तुरंत ही दबा दिया
मुस्कुरा रहा था
पक्का कोई अच्छी
खबर अभी अभी
सुन कर आ रहा था
हाथ हिला रहा था
पक्का क्या करने
जा रहा था
उसका प्लौट
अपने सामने से
देख पा रहा था
बड़बड़ा रहा था
पक्का शादी शुदा
होगा बता रहा था
जो कुछ बीबी से
कह नहीं पा रहा था
कह ले जा रहा था
अरे अरे देखिये
उसको तो जो भी
हुऎ जा रहा था
ये सब मैं काहे
सोच ले जा रहा था
अच्छा हुआ इस सब
के बीच मेरे अपने
सामने से कोई नहीं
दूर दूर तक आ रहा था।

बुधवार, 25 अप्रैल 2012

बदल जमाने के साथ चल

जमाने के साथ आ
जमाना अपना मत बना
इमानदारी कर मत
बस खाली दिखा
अन्ना की तरफदारी
भी कर ले
कोई तेरे को कहीं
भी नहीं रोक रहा
सफेद टोपी भी लगा
शाम को मशाल जलूस
अगर कोई निकाले
अपने सारे गिरोह को
उसमें शामिल करा लेजा
"सत्य अहिंसा भाईचारा
कुछ नये प्रयोग"
पर सेमिनार करा
संगोष्ठी करा वर्कशोप करा
इन सब कामों में हम से
कुछ भी काम तू करवा
हमें चाहे एक धेला
भी ना दे जा
पर हमारे लिये
परेशानी मत बन
कल उसने कुत्ते को
देख कर बकरी कहा
कोई कुछ कर पाया
हमने कुत्ते को कागज
पर "एक बकरी दिखी थी"
का स्टेटमेंट जब लिखा
अब भी संभल जा
उन नब्बे लोगों में आ
जिन्होने कुत्ते को बकरी
कहने पर कुछ भी नहीं कहा
बस आसमान की तरफ
देख कर बारिश
हो सकती है कहा
बचे दस पागलों का
गिरोह मत बना जिनको
कुत्ता कुता ही दिखा
गाड़ी मिट्टी के तेल
से घिसट ही रही हो
पहुंच तो रही है कहीं
पैट्रोल से चलाने का
सुझाव मत दे जा
जाके कहीं भी आग लगा
और हमारी तरह सुबह के
अखबार मे अपनी फोटो पा
बधाई ले लडडू बंटवा।

रविवार, 25 दिसंबर 2011

पहचानो ना

अंकपत्र
हाईस्कूल 
प्रमाणपत्र
राशनकार्ड 
मतदान
पहचान पत्र
टेलीफोन
का बिल

बैंक की
पासबुक

अंगूठे का
निशान

आदमी की
पहचान


सब के
सब अचल

जो चलता है
मतलब
दिमाग से है

बेकार की
एक चीज


दिमाग किसी
आदमी 
की
आईडेंटिटी नहीं

हो सकता कभी
पता ही नहीं है
दिमाग आदमी को
चलाये या आदमी
दिमाग को चलाये

चलता दिमाग
किसी को भी
अच्छा नहीं लगता
एक कूड़ा
दिमाग बौस

मातहत के
दिमाग 
को
हलुवा मानता है

जिसे कोई
भी पकाये

कोई भी खाये

दिमाग को
आडेंटिटी

नहीं बना सकते
पल में जनवरी
पल में दिसम्बर
हो जाता है दिमाग

अन्ना को कोई राय
नहीं दे सकता
फिंगर प्रिंट की
जगह मेंटल
प्रिंट करवायें
दिमाग 
हर क्षण
बदलता है दिमाग


और वाकई में
हो जाये ऎसा
तो दिमाग
पागल का

होगा एक
पहचान

और बाकी
छानते

फिरेंगे
कूड़ा
अपनी

पहचान
के लिए।

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