http://blogsiteslist.com
चला लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चला लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 6 अप्रैल 2015

‘उलूक’ क्या है? नहीं पढ़ने वाला भी अब जानने चला है

एक ने नहीं
बहुतों ने पूछना
शुरु कर दिया है
बाकी सब ठीक है
बहुत सारे लोग
लिखते हैं
लिख रहे हैं
कुछ सार्थक
कुछ निर्रथक
तुम्हारे बारे में भी
हो रही है चर्चा
कई जगहों पर
हमें भी
पता चला है
तुम्हारे लिखने
लिखाने से
हमें कोई
मतलब नहीं है
कुछ ऐसा
वैसा ही
लिख रहे हो
आस पास के
किसी भी
जाने माने
स्थापित लेखकों
कवियों चर्चाकारों
की सूची में
तुम्हारा नाम
ढूँढ कर भी
नहीं मिला है
अच्छे खासे तो थे
कुछ दिन पहले
कहीं चुपचाप से
खड़े भी मिले थे
इधर ही कुछ दिनों में
कौन सा ऐसा आया
तूफानी जलजला है
कुछ भी कहीं नहीं
कहने वाला कहीं भी
जा कर कुछ भी लिखने
लिखाने को चला है
चलो होता है
उम्र का तकाजा भी है
कुछों को छोड़ कर
सर और दाड़ी का
लगभग हर बाल भी
अब सफेद हो चला है
वैसे हमें कहना
कुछ नहीं है
बस एक शंका
दूर करनी है
जानकारी रहनी
भी चाहिये
अपने परायों की
कितना हौसला है
बस इतना बता दो
तुम्हारे लिखने लिखाने
के साथ हर जगह
जुड़ा ये ‘उलूक’
कौन सी और
क्या बला है ?
चित्रसाभार: www.clipartpal.com

सोमवार, 5 दिसंबर 2011

श्रद्धांजलि

ना शोहरत ले गया
ना दाम ले गया
काम ही किया बस
ताजिंदगी छक कर
उसे भी कहां वो
बेलगाम ले गया
जीवट में सानी
कहां था कोई उसका
सब कुछ तो दे कर
कहां कुछ ले गया
जिंदादिली से भरकर
छलकाता रहा
वो कल तक
गीतों में भरकर
वोही सारी दौलत
नहीं ले गया वो
सरे आम दे गया
आनन्द देकर
देवों के धर को
वो बिल्कुल अकेला
चलते चला वो
चला ही गया
वो चला ही गया।

LinkWithin

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...