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शनिवार, 21 नवंबर 2015

कौन कहता है कुत्ता सोचना और कुत्ता हो जाने में कुछ अजीब होता है हर कुत्ते का अपना नसीब होता है

भौंकना सीखना
चाहता हूँ
इसलिये
कुत्तों के
बीच रहता हूँ
कुत्ता नहीं हूँ
कुत्तों से कभी
नहीं कहता हूँ
कुत्ते भी कहाँ मुझे
एक कुत्ता मानते हैं
भौंकता हूँ तो भी
आदमी की तरह
बस आँखें तानते हैं
कुत्ता कुत्ते पर
कभी भी नहीं
भौंकना चाहता है
कुत्तों को पता होता है
कुत्ता कौन कौन है
हर कुत्ता जानता है
अब इतना कुत्ता
हो जाना भी
अच्छा कहाँ होता है
कुत्तों के नियम
कानून हर कुत्ता
अच्छी तरह जानता है
कुत्तों में से कुछ कुत्ते
कुत्तेपने के लिये
ही जाने जाते हैं
हर गली कूँचे के
कुत्तों में पहचाने जाते हैं
कुत्ता हो जाना इतना
बुरा भी नहीं होता है
कुत्तों के लिये कुत्ता तो
एक कुत्ता ही होता है
‘उलूक’
कुत्ता होने और
दिखाने में बहुत
बड़ा फर्क होता है
किसलिये करते हो
कलाबाजी कुत्तों के
बीच में रहकर
कुत्तों के लिये
भौंकना
कुत्तों का एक
जरायम
पेशा होता है ।
चित्र साभार: www.clipartsheep.com

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