उलूक टाइम्स: फेशियल
फेशियल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
फेशियल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 4 फ़रवरी 2015

कल फोड़ने के लिये रखे गये पठाकों को कोई पानी डाल डाल कर आज धो रहा है

फेशियल किया हुआ
एक एक चेहरा
चमक चमक कर
फीका होना
शुरु हो रहा है
उन सब चेहरों
पर सब कुछ
जैसे बिना जले
भी धुआँ धुआँ
सा हो रहा है
नजर फिसलना
शुरु हो गई है
चेहरे से
चेहरे के ऊपर
रखा हुआ चेहरा
देखना ही
दूभर हो रहा है
दिखने ही
वाला है सच में
सच का झूठ
और झूठ का सच
ऐसा जैसा ही
कुछ हो रहा है
ऐसे के साथ
वैसा ही कुछ कुछ
अब बहुत साफ साफ
दिखाई भी दे रहा है
उधर खोद चुके हैं
खाई खुद के लिये
इधर भूल गये शायद
उनका अपना ही
खोदा हुआ कुआँ
भरा भरा सा हो रहा है
उड़ गई है नींद रातों की
कोई कह नहीं पा रहा है
परेशान हो कर
दिन में ही कहीं
किसी गली में
खड़े खड़े बिजली के
खम्बे से सहारा
ले कर सो रहा है
गिर पड़ा है मुखौटा
शेर का मुँह के ऊपर से
बिल्ले ने लगाया हुआ है
साफ साफ पता
भी हो रहा है
सिद्धांतो मूल्यों की जगह
गाली गलौच करना
बहुत जरूरी हो रहा है
बहुत ज्यादा हो गया
बहुत कुछ उस की ओर को
अब इसकी ओर भी कुछ
होने का अंदेशा हो रहा है
जो भी हो रहा है ‘उलूक’
तेरे हिसाब से बहुत ही
अच्छा हो रहा है
दो चार दिन की बात है
पता चल ही जायेगा
दीदे फाड़ कर
बहुत हंसा वो
अब दहाड़े मार मार
कर रो रहा है ।

चित्र साभार: www.123rf.com

बुधवार, 17 अप्रैल 2013

सोच कपडे़ और खुश्बू नहीं बताते



मेरा
सलीकेदार सुन्दर सा पहनावा
मेरी  गर्व भरी चाल
मेरा संतुलित व्यवहार

मेरी मीठी रसीली सी बोलचाल
मेरी कविता का सौंदर्यबोध
मेरा संतुलित सामजिक समरसता
का सुन्दर सा खोल

मुझे दिखाना 
ही दिखाना है
जब भी अपने जैसे
तमीजदारों की सभाओं में कहीं
भाषण 
फोड़ कर आना है

बस वो ही 
बताना है वो ही सुनाना है
जिससे बने कुछ छवि सुन्दर सी
किसी भी तरह कैसे भी

करना क्या है
उससे किसी को क्या मतलब वैसे भी रह जाना है

मेरे बच्चे बच्चे
दूसरों के बच्चे जन्संख्या का सिद्धांत
अपनाना है

अपने घर को जाते जाते
सड़क पर झूल रहे
बिजली और दूरभाष के उलझे तारों के
किनारे से निकल

सड़क को 
घेर रहे 
मेरे घर को जाते हुऎ पानी के पाईपों से
बस नहीं टकराना है

पालीथीन में बंधे हुऎ
मेरे घर के अजैविक और जैविक
कूडे़ की दुर्गंध पर
नाक पर बस रुमाल ही तो एक लगाना है

बहुत कुछ है बताने को इस तरह से 
सैंस नहीं बस नानसैंस जैसा ही तो होता है ये सिविक सैंस

आप अपने काम से रखते हो मतलब
मेरे काम में दखलंदाजी लगती है
आप को हमेशा ही बेमतलब

इसलिये मुझे हमेशा
कोई ना कोई पुरुस्कार जरूर कुछ पाना है

समय नहीं है ज्यादा कुछ बताने के लिये

कल की मीटिंग के लिये अभी
मुझे नाई की दुकान पर
फेशियल करवाने के लिये जाना है ।

चित्र सभार: https://greatbridalexpo.wordpress.com/2013/03/11/spa-tips-for-men/